रिश्वत, लूट, चकारी का नाम भी ना हो इनका नामो निशान मिटाना चाहती हूँ, हर इंसान को सत्य रिश्वत, लूट, चकारी का नाम भी ना हो इनका नामो निशान मिटाना चाहती हूँ, हर इं...
सपने दिखा कर सपनों का क़त्ल कर दिया सपने दिखा कर सपनों का क़त्ल कर दिया
मेरे सपनों का प्यार कुछ ऐसा होता जो मेरे जिस्म को नहीं रूह को संवारता, मेरे सपनों का प्यार कुछ ऐसा होता जो मेरे जिस्म को नहीं रूह को संवारता,
व्यथित मन चूल्हा फूंकने में पड़ा है , जलती हुई लकड़ी धुएं के गुबार से निकले आसुओं व्यथित मन चूल्हा फूंकने में पड़ा है , जलती हुई लकड़ी धुएं के गुबार से ...
हुआ जन्म बेटी का घर में नहीं बधाई गीत हुए, पर वंशवेल बढ़ाने को देवी पूजन और यज्ञ हुए हुआ जन्म बेटी का घर में नहीं बधाई गीत हुए, पर वंशवेल बढ़ाने को देवी पूज...